पाठ्यक्रम: GS3/विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी
संदर्भ
- इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 हाल ही में नई दिल्ली में संपन्न हुआ।
AI समिट की पृष्ठभूमि
- 2023 ब्लेचली पार्क शिखर सम्मेलन (यूके): प्रथम वैश्विक AI समिट ब्लेचली पार्क में आयोजित हुआ, जिसका मुख्य फोकस सुरक्षा था। इसमें विभिन्न देशों और विशेषज्ञों ने AI जोखिमों पर चर्चा की तथा “ब्लेचली घोषणा” जारी की।
- 2024 सियोल शिखर सम्मेलन (दक्षिण कोरिया): दूसरा शिखर सम्मेलन मई 2024 में सियोल में हुआ। इसमें ब्लेचली पार्क बैठक की चर्चाओं को आगे बढ़ाते हुए सुरक्षा के साथ-साथ नवाचार और समावेशिता को भी शामिल किया गया।
- 2025 AI एक्शन शिखर सम्मेलन (पेरिस, फ्रांस): फरवरी 2025 में पेरिस के ग्रैंड पैलेस में आयोजित हुआ। इसे फ्रांस और भारत ने सह-अध्यक्षता की और यह ब्लेचली पार्क तथा सियोल आयोजनों का आगामी चरण था।
- 2026 भारत AI प्रभाव शिखर सम्मेलन (नई दिल्ली): श्रृंखला का आगामी प्रमुख सम्मेलन भारत में फरवरी 2026 में आयोजित हुआ।
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026
- MeitY(इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय) द्वारा आयोजित।
- इस शिखर सम्मेलन की घोषणा प्रधानमंत्री ने फ्रांस AI एक्शन समिट में की थी। यह वैश्विक दक्षिण में आयोजित प्रथम वैश्विक AI शिखर सम्मेलन है।
- यह वर्तमान बहुपक्षीय पहलों को सुदृढ़ करेगा और नई प्राथमिकताओं, परिणामों तथा सहयोगी ढाँचों को आगे बढ़ाएगा।
- तीन सूत्र: “जन”, “पृथ्वी” और “प्रगति” — ये तीन आधारभूत स्तंभ परिभाषित करते हैं कि बहुपक्षीय सहयोग के माध्यम से AI को सामूहिक लाभ हेतु कैसे दोहन किया जा सकता है।

भारत-आयोजित समिट के लक्ष्य
- AI की क्षमताएँ अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचनी चाहिए।
- इसे वैश्विक दक्षिण के लिए प्रासंगिक बनाने हेतु अधिक कार्य किया जाना चाहिए, जैसे कि उन भाषाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाना जो पश्चिमी LLMs (लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स) के प्रशिक्षण में कम प्रतिनिधित्व रखती हैं।
- तकनीक “सुरक्षित और विश्वसनीय” होनी चाहिए।
- घरेलू स्तर पर सरकार ने भारत को AI अवसंरचना और अनुसंधान के लिए आकर्षक गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करने तथा तकनीक को अपनाने को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया।
समिट के परिणाम
- व्यापक भागीदारी: इस सम्मेलन में पाँच लाख से अधिक आगंतुक शामिल हुए, जो 2023 के G20 शिखर सम्मेलन की उपस्थिति से कहीं अधिक था।
- इसमें विश्व भर से वक्ताओं के साथ 500 से अधिक व्यक्तिगत चर्चाएँ आयोजित हुईं।
- निवेश: सरकार ने $250 अरब निवेश प्रतिबद्धताओं और $20 अरब अग्रणी डीप टेक अनुसंधान प्रतिबद्धताओं का उल्लेख किया।
- दिल्ली घोषणा: भारत ने 88 देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के बीच “नई दिल्ली घोषणा” पर व्यापक सहमति प्राप्त की। इसे अमेरिका, चीन, फ्रांस एवं अन्य प्रमुख देशों ने हस्ताक्षरित किया।
- अधिकांश प्रतिबद्धताओं को “स्वैच्छिक” और “गैर-बाध्यकारी” बताया गया, जिससे व्यापक भागीदारी को प्रोत्साहन मिला।
- इसमें “AI का लोकतांत्रिक प्रसार” हेतु चार्टर, “ग्लोबल AI इम्पैक्ट कॉमन्स” (उपयोग मामलों का डेटाबेस), “ट्रस्टेड AI कॉमन्स” (उपकरणों, मानकों और सर्वोत्तम प्रथाओं का भंडार), तथा “AI फॉर साइंस संस्थानों का अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क” जैसी पहलें शामिल हैं।
- भारत ने पैक्स सिलिका में भाग लिया: सम्मेलन के दौरान भारत अमेरिका-नेतृत्व वाले पैक्स सिलिका पहल में शामिल हुआ, जिसका उद्देश्य इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण और महत्वपूर्ण खनिजों में शक्ति के केंद्रीकरण का विरोध करना है।
- सर्वम AI: सम्मेलन में भारत का प्रथम घरेलू रूप से प्रशिक्षित बहु-अरब पैरामीटर LLMs “सर्वम AI” लॉन्च किया गया।
- निवेश प्रतिबद्धताएँ:
- रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने घरेलू AI में ₹10 लाख करोड़ निवेश की घोषणा की, जो अदानी समूह की समान प्रतिबद्धता से थोड़ा अधिक है।
- गूगल ने भारत में अपने वर्तमान $15 अरब निवेश के कुछ नए विवरण साझा किए, जिसमें भारत और अमेरिका को सीधे जोड़ने वाली एक सबसी केबल प्रणाली भी शामिल है।
निष्कर्ष
- यह शिखर सम्मेलन दीर्घकालिक अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों को उत्प्रेरित करने और आर्थिक विकास के प्रमुख चालक के रूप में AI को स्थापित करने की संभावना है।
- सरकार ने उल्लेख किया कि “आर्थिक विकास और सामाजिक कल्याण हेतु AI का उपयोग करने पर व्यापक वैश्विक सहमति” बनी है।
Source: TH
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